नई दिल्ली ,21 दिसंबर (आरएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रक्षा मंत्रालय में तैनात एक आर्मी अधिकारी को रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर बेंगलुरु स्थित एक निजी कंपनी से 3 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
CBI की कार्रवाई के दौरान दिल्ली स्थित उनके आवास से 2.36 करोड़ रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। तलाशी के दौरान श्रीगंगानगर (राजस्थान) स्थित उनके आवास से 10 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए। कर्नल काजल बाली वर्तमान में डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट (ष्ठह्र), श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। इस घूसकांड में बिचौलिया विनोद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपियों को अदालत ने 23 दिसंबर तक ष्टक्चढ्ढ हिरासत में भेज दिया है।
रक्षा सौदों में निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की साजिश
ष्टक्चढ्ढ के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा पर रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप है। जांच एजेंसी को बेंगलुरु की एक कंपनी द्वारा संभावित रिश्वत भुगतान की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर 19 दिसंबर को मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया है कि राजीव यादव और रवजीत सिंह नामक दो व्यक्ति उस कंपनी के भारत स्थित मामलों को संभाल रहे थे और लगातार शर्मा के संपर्क में थे। इनका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों से कंपनी को गैरकानूनी लाभ दिलाना था।
ष्टक्चढ्ढ का दावा है कि 18 दिसंबर को विनोद कुमार ने कंपनी के कहने पर शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी, जिसके तुरंत बाद कार्रवाई की गई। एजेंसी के मुताबिक, संबंधित कंपनी का संचालन दुबई से होता है, जबकि भारत में इसके कामकाज की जिम्मेदारी राजीव यादव और रवजीत सिंह संभाल रहे थे।
देशभर में छापेमारी, नकदी और दस्तावेज जब्त
सूचना मिलने के बाद ष्टक्चढ्ढ ने दिल्ली, श्रीगंगानगर, बेंगलुरु और जम्मू सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। दिल्ली स्थित आवास से 2.23 करोड़ रुपये नकद, रिश्वत की रकम और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। श्रीगंगानगर में उनकी पत्नी के घर और कार्यालय में भी तलाशी जारी है। ष्टक्चढ्ढ ने सभी आरोपियों को 20 दिसंबर को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी को और खुलासों की उम्मीद है।












