ऋषिकेश, 27 दिसंबर 2025 (आरएनएस)।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया डॉन विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई। हरिद्वार में हुए सशस्त्र हमले के बाद से वह वेंटिलेटर पर था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। उसके शव का पोस्टमार्टम एम्स ऋषिकेश में किया जाएगा।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले हरिद्वार में पुलिस उसे पेशी के लिए अदालत ले जा रही थी, तभी एक पुल के पास नकाबपोश बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में विनय त्यागी गंभीर रूप से घायल हो गया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी में ही बदमाशों द्वारा कई राउंड फायरिंग किए जाने के दृश्य सामने आए थे। घटना के बाद उसे गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था, जहां वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर था।
कई राज्यों में फैला था अपराध नेटवर्क
विनय त्यागी का आपराधिक नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैला हुआ बताया जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण, हथियार तस्करी समेत करीब 57 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय तक अलग-अलग राज्यों में छिपकर पुलिस से बचता रहा।
बताया जाता है कि कम उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले विनय त्यागी ने धीरे-धीरे अपना गिरोह खड़ा किया और अंतरराज्यीय स्तर पर हथियारों की आपूर्ति में भी उसकी संलिप्तता रही। उसके गिरोह में दो दर्जन से अधिक सक्रिय सदस्य बताए जाते हैं।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
विनय त्यागी की मौत के बाद उसके परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की बहन सीमा त्यागी ने दावा किया कि पेशी के दौरान हुआ हमला एक सुनियोजित साजिश थी और पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, जिससे विनय को बचाया नहीं जा सका।
परिजनों का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।













